किडनी का दर्द कहाँ होता है और किडनी के दर्द के मुख्य कारण

किडनी शरीर के दोनों ओर बाईं और दाईं, पीठ मे पसलियों के निचले हिस्से मे मौजूद शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अंग होता हैं।
जो शरीर मे मौजूद खून को फिल्टर कर नुकसानदेह तत्वों को शरीर से बाहर निकालने और रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम करता है।
किडनी मे दर्द या पेशाब मे तकलीफ होने पर ये किसी गंभीर रोग के होने के संकेत हो सकते हैं।
इस लेख मे अलग अलग रोगों मे किडनी का दर्द कहाँ होता है और साथ ही रोगों के प्रमुख लक्षणों को विस्तार से बताया गया हैं।
किडनी का दर्द कहाँ होता है और किडनी के दर्द के मुख्य कारण

किडनी का दर्द कहाँ होता है

90% से अधिक मामलों मे देखा गया हैं की किडनी का दर्द शरीर के बाईं और दाईं ओर पीठ मे पसलियों के निचले हिस्से (पेल्विक एरिया) से शुरु होकर, पेट और जांघ से होता हुआ  प्राइवेट पार्ट तक हों सकता हैं।
कुछ रोगियों मे केवल एक किडनी में समस्या होने पर, एक तरफ या दोनों मे समस्या होने पर दोनों तरफ और पेट या कमर मे दर्द होना भी संभव है।
किडनी का दर्द किडनी मे खराबी या मूत्र पथ में सूजन या रुकावट के कारण हो सकता हैं।  
अगर दर्द के साथ ही बुखार, उल्टी या पेशाब मे जलन हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करने की आवश्यकता हैं।

किडनी इंफेक्शन मे दर्द कहाँ होता है

किडनी मे इंफेक्शन होने की इस्थिति मे पेशाब मे हल्की हल्की जलन और पेशाब का अटक अटक कर होना मुख्य कारण मना जाता हैं।

इस मे पेल्विक बोन के ऊपर वाला हिस्सा जो नाभि के नीचे और महिलाओं और पुरुषों के प्राइवेट पार्ट के बीच के हिस्से मे पेशाब करते समय या हमेशा हल्का दर्द होता रहता हैं।

कभी कभी किडनी इंफेक्शन मे पेशाब मे जलन के साथ ही हल्का या तेज़ बुखार भी आ सकता है।

पेशाब मे दर्द या जलन होने पर डॉक्टर से इंफेक्शन की जाँच ज़रूर करा ले।

क्या होते हैं किडनी में सूजन के लक्षण

किडनी मे सुजन होने पर किडनी का दर्द कहाँ होता है

इस मे किडनी और इस के पास वाले हिस्से जो कमर के उपर और पसली के नीचे है मे दर्द होना।

पेट मे हल्का दर्द होना पेट का फूलना (पेट पर सुजन आना) जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं।

इस मे पेशाब अधिक आना और पेशाब मे पस आना या झागदार पेशाब का होना जैसी समस्या होती है।

साथ ही शरीर के अन्य हिस्से जैसे हात, पैर, चेहरा और टखने मे सुजन आना और मिचली या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते है।

किडनी बचाने के चमत्कारी उपाय

किडनी खराब होने पर किडनी का दर्द कहाँ होता है

इस अवस्था मे शुरुआत मे मूत्र की मात्रा और मूत्र होने के समय मे परिवर्तन होने लगता है।

किडनी और इस के आस पास वाले हिस्से मे दर्द होना कुछ मामलों मे पेट मे भी दर्द हो सकता हैं।

पेशाब करते समय दर्द होना और दबाव महसूस होना और पेशाब करने मे ज़ोर लगना जैसे लक्षण हो सकते है।

किडनी में सूजन आना, पेट पर सुजन आना और साथ ही पसली के नीचे हिस्से मे दर्द का महसूस होना।

इस मे सब से मुख्य कारण पेशाब से खून का आना है पेशाब से खून आने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क कर अपनी समस्या दिखाना ज़रूरी हो जाता है।

किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण और उपचार

किडनी का दर्द पथरी मे कहाँ होता है

किडनी में पथरी होने पर दर्द किडनी के आसपास कमर के पिछले हिस्से मे होता हैं

पथरी नमक और खनिज पदार्थ जैसे कैल्शियम और यूरिक एसिड से बना चमकीला पत्थर जैसा होता है ये 1 मिली मीटर से लेकर 70 मिली मीटर तक का हो सकता है।

ज़्यादा तर मामलों मे पथरी का दर्द तब होता है जब पथरी टूट कर किडनी से निकल कर पेशाब की नली मे आजाती है तब पेशाब मे जलन और कमर के पास पसली के नीचे तेज़ दर्द होता है।

किडनी मे पथरी का दर्द होने के साथ ही कभी कभी रोगी को मिचलाहट या उल्टियां भी हो सकती हैं इसे किडनी मे पथरी का दर्द माना जाता है।

कैंसर मे किडनी का दर्द कहाँ होता है

कैंसर मे शुरुआत के दौर मे कोई दर्द या लक्षण नहीं दिखाई देते लेकिन समय के साथ ही रोग और दर्द बढ़ने लगता है।

कैंसर मे पेट में लगातार तेज़ दर्द होता रहता जो असहनिय होता है और साथ ही पेट अकड़ने जैसा भी लगता हैं।

पेट के दर्द के अलावा थकावट, भूख ना लगना, वजन घटने लगना, बहोत ज़्यादा मात्रा मे पसीना आने के साथ ही तेज़ बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते है।

इसे किडनी के कैंसर का दर्द या किडनी के कैंसर का लक्षण माना जाता है ऐसे मे अच्छे डॉक्टर द्वारा इस की जाँच करवा लेना आवश्यक हो जाता है।

पायलोनेफ्राइटिस मे किडनी का दर्द कहाँ होता है

इस मे रोगी को अपनी  बगल में एक तरफ दर्द होने लगता है ये दर्द तेज़ या हल्का हो सकता है।

आपके पीठ के निचले वाले हिस्से में जो कमर के उपर और पसली के नीचे मे होता है वहा दर्द होने लगता है।

साथ ही प्राइवेट पार्ट और इस के आस-पास वाले हिस्सों मे दर्द और कुछ अजीब सा महसूस होता है।

पायलोनेफ्राइटिस मे इस के साथ ही उल्टी या मिचली होना भूख ना लगना और ठंड लग कर तेज़ बुखार का आना जैसे लक्षण भी शामिल है।

पीलिया मे किडनी का दर्द होता है

पीलिया मे भूख का ना लगना खाने से बद्बु आना और पेट में दर्द होना जैसे शुरुआत लक्षण दिखाई देते है ये इतना गंभीर रोग हैं की समय पर इलाज ना होने पर ये दोनों किडनी को खराब भी कर सकता है।

इस रोग मे भी किडनी खराब होने पर दिखाई देने वाले लक्षण होते है जैसे इसमें मितली आना, पेट मे दर्द, भूख ना लगना और पेशाब गाढ़ा पीला या पेशाब मे जलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

किडनी के सही से काम ना करने पर बिलीरुबिन नामक पद्धात शरीर से बाहर नही निकल पाता इस के बड़ने पर पीलिया रोग होता है।

पीलिया का इलाज समय पर नही कराने से ये पूरे शरीर मे फैलने लगता है और दोनों किडनी खराब कर देता है इसे पांडु कहते है ऐसी स्थिति मे 70℅ लोगों की मौत हो जाती है।

नेफ्रोटिक सिंड्रोम मे किडनी का दर्द कहाँ होता है

रोगी के मूत्र में बहुत अधिक प्रोटीन उत्पन्न होने के कारण छोटे रक्त वाहिकाओं जो खून से अधिक पानी को फिल्टर करते है मे खराबी होने के कारण होता है।

इस मे पीट मे कमर के उपर और पसली के नीचे दर्द हो सकता है कुछ मामलों मे दर्द नही भी होता।

इस के कारण किडनी मे सुजन आना, पेट का फूलना, पेशाब कम होना और साथ ही और भी कई अन्य छोटी मोटी समस्या हो सकती है।

नेफ्रोटिक सिंड्रोम आप के शरीर मे संक्रमण और खून के थक्कों जैसी समस्या के जोखिमको बढ़ा सकता  है।

ब्लड यूरिया बढ़ने पर किडनी का दर्द कहाँ होता है

आम तौर पर ये मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पर चोट लागने या किडनी मे इंफेक्शन के कारण ऐसा हो सकता है।

ये इस लिए गंभीर माना जा सकता है क्यों की किडनी के अचानक खराब होने के कारण खून मे यूरिया बढ़ने की स्थिति को देखा जाता है।

इस मे किडनी मे तो कोई दर्द नही होता लेकिन फेफड़ों और छाती के बीच के स्थान में मवाद जमा होने के कारण सांस फूलने लगती है।

साथ ही वजन कम होना, मतली, उल्टी, पैरों और टखनों पर सुजन, बार-बार पेशाब आना, सूखी, खुजलीदार त्वचा, दिल की धड़कन अनियमित होना, होनाकमजोरी और थकाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जो समय के साथ बढ़ते जाते हैं।

किडनी बचाव के उपाय

दर्द निवारक गोलियां जैसे आईब्यूप्रोफेन, डायक्लोफेनिक, नेपरोसिन, आदि के अधिक इस्तेमाल से किडनी खराब हो सकती हैं।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखे ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर मे अधिक प्रोटीन बनता हैं जो किडनी मे खराबी पैदा कर सकता हैं।

रक्तचाप को नियंत्रित रखे उच्च रक्तचाप के कारण रक्त वाहिकाओं को शती पहुँचती हैं जो किडनी पर असर करती हैं।

धूम्रपान,गुटका और शराब से बचे इस के अधिक इस्तेमाल से खून की नलियां सिकुड़ने लगती हैं और ब्लॉक होने पर किडनी खराब हो सकती हैं।

पेशाब को अधिक समय तक ना रोके इस से किडनी को नुकसान पहुंचता हैं

अधिक मात्रा मे पानी पिए इस से आपकी किडनी के कार्य को गति मिलती हैं।

अक्सर लोग हम ये सवाल पूछते रहते है की किडनी का दर्द कहाँ होता है इस से जुड़ी बिमारियाँ और लक्षण क्या है। इस लिए इस लेख मे हमने विस्तार से बताया है की विभिन्न बीमारियों मे किडनी का दर्द कहाँ होता है और रोगी मे क्या लक्षण दिखाई देते है।

अगर आप ये बात अच्छे से समझ गए हो की किडनी का दर्द कहाँ होता है। तो आप इस लेख को अपने whatsapp फेसबुक और सभी सोशल साइट पर साझा ज़रूर करे ताकि दोसरे लोगों की भी मदद हो और वो भी इस जानकारी का लाभ उठा पाए। धन्यवाद।

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